त्याग की मूर्ति एंटोनिया का मारा राजीब गांधी वेचारा।
हमारा मानना है कि राजीब गांधी जी एक साधारण इमानदार इनसान थे लेकिन देश के शत्रुओं द्वारा बुने जाल में फंसकर वो एंटोनिया को एक आम इनसान मानकर वो गलती कर बैठे जिसने उनकी जिन्दगी को लांछित कर अन्त में समाप्त कर दिया।
जब हम कह रहे हैं तो हमारा अभिप्राय सिर्फ इतना है कि एंटोनिया अगर सच में राजीब जी के प्रेम में होती तो क्वात्रोची को साथ न लाती ।अगर ले भी आई थी तो खुलकर उसका साथ न देती। आप सबने देखा कि किस तरह पहले तो कानून मन्त्री हंसराज भराद्वाज को लंदन भेजकर वोफोर्स दलाली कांड के पैसे निकलवाए गए और बाद में उसके उपर से सब केश समाप्त करवा दिए गए।
इसी बजह से हनारी शंका है कि एंडरसन को भगाने के पीछे भी कहीं न कहीं ऐंटोनिया का ही हाथ है। क्योंकि एंटोनिया भारत विरोधियों द्वारा planted विशकन्या है जिसका एकमात्र मकसद भारत के विरोधीयों के हित साधना है जिसके आए दिन प्रमाण मिल रहे हैं जिन्हें गुलाम कांग्रेसी व मिडीया दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
आज हम आपके सामने कांग्रेस के देश से की गई व की जा रही गद्दारी के कुछ प्रमाण रख रहे हैं
हमारा आपको अखबार पढ़ाने या फिर कोई कहानी सुनाने का कोईइरादा नहीं।बस इरादा है तो आपको सच्चाई का साक्षातकार करवाने का ।
आपको हमने बताया कि किस तरह UPA सरकार ने आतंकवादियों को फायदा पहुंचाने के लिए सेना,पुलिस व देसभक्तों पर हमला किया उन्हें पकड़कर जेल मेंडाल दिया।कशमीर घाटी में तो सेना की एक पूरी बटालियन पर ही केश दर्ज कर आतंकवादियों को सेना व आम लोगों पर हमला करने के खुले संकेत दे दिए गए।
सेकुलर गिरोह जिसे फर्जी मुठभेड़ करार दे रहा है वो खुंखार आतंकवादियों की सीधी लड़ाई में मारे जाने का मामला हैषलेकिन जिन्हें माननीय सर्वोच न्यायालय द्वारा फांसी की सजा प्राप्त आतंकवादी निर्दोष नजर आता है भला उन्हें मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी क्यों निर्दोष नजर नहीं आयेंगे?
हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आदमखोर सेकुलर गिरोह व कांग्रेस के ऐसे ही षडयन्त्रों के परिणामस्वारूप पहले 1947 में धर्म के आधार पर भारत का विभाजन हुआ जिसके दौरान करोंड़ों निर्दोष हिन्दूओं का कत्ल हुआ व बाद में कशमीरघाटी में हजारों हिन्दूओं का कत्ल कर लाखों को वेघर कर दिया गया
अब जब ये पूरी तरह से शाफ हो चुका है कि हजारों लोगों के कातिल व लाखों की विमारी का कारण बने ऐंडरसन को भगाने वाला कोई और नहीं राजीब गांधी है तो आदमखोर कांग्रेस ने न्यायपालिका को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बैसे बमारा मामनना है कि अगर एंटोनिया का नार्कोटैस्ट करवाकर पता लगाया जाए तो बोफोर्स दलाली रकांड की तरह इस मामले में भी एंटोनिया का ही भारत विरोधी षडयन्त्र सामने आएगा।
विरपामोईली जैसे लोग वो गुलाम हैं जो अपनी कुर्सी वजेब के लिए किसी कि भी पैरवी कर सकते हैं।
अब आप प्रमाण देखिए और साथ में पढ़िए विरपामोईली का बयान
नई दिल्ली/बंगलूरू। भोपाल गैस पीड़तों को न्याय नहीं मिलने के मामले में कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने शनिवार को सरकार का बचाव करते हुए सारा दोष न्यायपालिका पर मढ़ दिया।
हमने आपको THE RED SAREE पर अपनी समीक्षा में बताया था कि ये पुस्तक एंटोनिया उर्फ Edvige Antonia Albina Maino उर्फ सोनिया गांधी के प्रति सहानुभूति तैयार करने के मकसद से एंटोनिया के किसी मित्र व कांग्रेस की मिलीभक्त से लिखी गई है व इसे अधिक से अधिक लोगों को पढ़ाने के लिए प्रयोजित बखेड़ा खड़ा करने की कोशिस की जा रही है जिसकी पुस्टी अब खुद मोरो ने भी कर दी है।
अब आप खुद ही यह तय करो कि ये सब मामले मिलकर
उलटा चोर(देशरोधी-हिन्दूविरोधी एंटोनिया की गुलाम कांग्रेस)
कोतवाल सेना ,न्यायपालिका,देसभक्तों,संतो व देशभक्त संगठनों) को डांटे(पर दोशारोपण करे)……
वाली कहाबत को ही चरितरार्थ नहीं करते हैं……






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