Monthly Archives: जनवरी 2008

क्या काँग्रेस भारत को एक और विभाजन की ओर धकेल रही है ?

Swami Vivekanand स्वामी बिबेकानन्द जी ने बिदेशों में जाकर जिस भारतीय सभ्यता और संस्कृति का लोहा मनबाया आज उसी सभ्यता और संस्कृति के आधार सतम्भ भगबान राम के अस्तित्व पर  अगर काँग्रेस ने प्रशनचिन्ह लगाने का असफल प्रयास किया है तो यह कोइ अचानक गलती से घटी घटना नहीं है बल्कि  यह काँग्रेस के हिन्दु बिरोधी ब देश बिरोधी स्वरूप की परिणिती है आओ जरा बिचार करें

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