Monthly Archives: मई 2009

बौद्धिक गुलाम हिन्दूओं ने हिन्दूविरोधीयों के साथ मिलकर स्वाभिमानी हिन्दुओं को एकबार फिर चारों खानेचित कर दिया !

हिन्दुओं ने अडबाणी जी के साथ जो किया शायद ही आज तक किसी कौम ने अपने कौमी नेता के साथ किया हो। ये वही हिन्दू हैं जिन्होंने वीर सीबरकर जैसे देशभक्त क्रांतिकारी को
आज तक गले नहीं लगाया । ये वही हिन्दू हैं जिन्होंने अपने देशभक्त सरदार बलभ भाइ पटेल जी को प्रधानमंत्री न बनाये जाने पर कोइ बिरोध प्रकट करने के बजाये अंग्रेजों के गुलाम
ब्याभिचारी हिन्दुविरोधी नेहरू को प्रधानमंत्री स्वीकार किया। यही वही हिन्दु हैं जिन्होंने भारत से अंग्रेजों को भगाने के लिए अपने प्राण नयोछाबर करने बाले (शहीद भगत सिंह , शहीद
राजगुरू, शहीद सुखदेव, शहीद चन्दरशेखर आजाद, शहीद बाल गंगाधर तिलक , शहीद लाला लाजपतराय, शहीद विपन चन्द्र पाल, नेताजी सुभाषचन्द्र वोस ) जैसे क्रांतिकारियों की
कुरबानियों को भुलाकर हिन्दूविरोधी गांधी को अपना हीरो बनाया । ये वही हिन्दु हैं जिन्होंने मुसलिम राक्षसों से हिन्दुओं को अजादी दिलबाने के लिए संधर्ष करने बाले क्रांतिकारीयों का
साथ देने के बजाए जयचन्द जैसे गद्दारों के साथ मिलकर मुसलिम राक्षसों का साथ देकर अनगिनत हिन्दूओं के जान-माल, इज्जत-आबरू को लुटबाया। आज भी इन बौद्धिक गुलाम
हिन्दूओं ने भारत के स्वाभिमान के प्रतीक हिन्दु-योद्धा लालकृष्ण अडबणी को हरबाकर हिन्दुविरोधी-देशविरोधी अंग्रेज एंटोनियो माइनो मारियो के गुलाम मनमोहन को जितबाकर अपनी
गद्दारी की प्रमपरा को आगे बढ़ाकर वही आत्मघात किया है जो ये गुलाम हिन्दू हजारों बर्षों से करते आये हैं।
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