वाह आशुतोश जी मिडीया की चित भी मेरी पट भी मेरी वाली नीति नहीं चलेगी

वाह आशुतोश जी मिडीया की चित भी मेरी पट भी मेरी वाली नीति नहीं चलेगी

आज मुम्बई में आईवीएन-लोकमत के कार्यालया पर हमला होने का समाचार लगभग सभी चैनलों पर दिखाया गया । राज्या व केन्द्र सरकार के उपर यह दवाव बनाने की कोशिस की गई कि मिडीया द्वारा घोषित अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही इस हमले का आरोप शिवसेना के उपर लगाया गया।थोड़ी देर के लिए मेरे मन में एसा विचार आया कि इस हमले की निन्दा की जाए ।

लेकिन तभी मेरे दिमाग में मिडीया द्वारा दिखाय गए वो सब कार्यक्रम छा गए जिनमें मिडीया ने आम लोगों का खून वहाने वाले मुसलिम जिहादी आतंकवादियों को वेचारा,गरीव अनपड़ व गुमराह नौजवान प्रचारित कर इन आतंकवादियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही न करने का महौल वनाया। यह वही मिडीया है जिसने कशमीर को भारत से अलग करने की बकालत की। यह वही मिडीया है जिसने फांसी की सजा समाप्त करने के लिए महौल बनाने की कोशिश की। इसी मिडीया ने मां-वाप द्वारा अथक प्रयत्न कर पाले गए बच्चों को प्यार के नाम पर घर से भागने के लिए उकसाने वाला महौल वनाने का दुस्साहस किया।यह वही मिडीया है जिसने अपना अधिकतर समय सुरक्षा बलों को बदनाम करने उनका मनोवल तोड़ने का प्रयत्न करने में लगाया। यह वही मिडीया है जो आतंकवाद का प्रायवाची बन चुके इस्लाम को तो शांतिप्रिय प्रचारित करता है लेकिन मानब-धर्म का प्रायवाची वन चुके हिन्दुत्व को अक्सर हिंसक प्रचारित करने का असफल प्रयत्न किया।

अभी पिछले कुछ दिनों में मुसलिम आतंकवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी हेडली उर्फ दाऊद गिलानी व तहव्वुर राणा को अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफवीआई ने पकड़ लिया जिसके परिणाम स्वरूप इस मिडीया के चहेते महेसभट की असलियत जगजाहिर हुई। इस महेशभट्ट का बेटा राहुल भट भारत में हेडली के सबसे बड़े सहयोगी के रूप में सामने आया जिसे सुरक्षा एजेसियों ने हिरासत में लेकर पूछताच कर छोड़ दिया। इस महश भट की असलियत हमें पहले से ही पता थी हमने जब अपनी पुस्तक नकली धर्मनिर्पेक्षता लिखी(जनवरी 2008 में अपने ब्लाग पर प्रकासित की) तो उसमें इन गद्दारों के हिन्दुविरोधी-देशविरोधी कुकृत्यों के वारे में सपष्ट करने की कोशिश की। इस पुस्तक के वाहरवें अध्याय  मुम्बई हमला खतरे की घंटी

 में हमने लिखा

  हम तो आने वाली किसी भी देशभक्त सरकार से इस दुआ जैसे  पत्रकारों सहित माजिद मैनन,महेश भट व नबलखा जैसे जिहादियों के समर्थकों का नार्को टैस्ट करवाकर ये किसके बल पर देशविरोधी काम करते हैं, पता लगाया जाए व ऐसे सभी देशविरोधियों को सबक सिखाया जाए

 शिवसेना के मुखपत्र में आतंकवादियों के मददगार महेशभट के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की गइ। जो कि आइवीएन-7 के प्रवन्धकों को अच्छा नहीं लगा। इस आतंकवादियों के शरणदाता भट परिवार का वचाव करने के लिए आइवीएन-7 के आशुतोश राणा ने एक दम से एक कार्यक्रम पेश किया जिसका शीर्षक था कि अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले किसी अपराधी घोषित नहीं करना चाहिए। मतलव भट परिवार को तब तक आतंकवादी नहीं कहना चाहिए जब तक अदालत उसको दोषी सिद्ध न कर दे। आइवीएन-7 को यह ध्यान रखना चाहिए कि 26-11-08 के हमले में सैंकड़ों लोगों की जान गइ थी हजारों लोग इससे प्रभावित हुए थे कुछ तो आज तक डरे हुए हैं सहमे हए हैं।अगर एसे जघन्या अपराध के दोषियों को अपराधी कहना गलत है तो फिर आवीएन –लोकमत के कार्यालय पर हुए हमले में तो सिर्फ कुछ मारामारी ही हुई है किसी का कत्ल तो हुआ नहीं है जिसमें जितनी मार लोकमत के पत्रकारों को पड़ी है उससे ज्यादा हमला करने वालों को पड़ी है तो फिर कानूनी कार्यवाही से पहले उनको अपराधी घोसित करने की जलदवाजी क्यों ?

जिस निखिल वागले को निशाना वनाकर ये हमला किया बताया जाता है ये वो ब्यक्ति है जो हर वक्त राष्ट्रवादियों के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है अगर ये व्याक्ति खुद को पत्रकार कहता है तो ये पत्रकारिता का अपमान है क्योंकि पत्रकारिता का अधार ही निष्पक्षता है। निखिल वागले, अलोक महता जैसे विके हिए लोगों नें पत्रकारिता को कलंकित किया है। हम तो इन जैसे लोगों को ये सुझाव देंगे कि एसे लोग अब उन गद्दारों के साथ ये सीधे जुड़ जांयें जिनकी पैरवी ये लोग हरवक्त मिडीया को हथियार वनाकर करते हैं।

 

 

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3 Comments

  1. Posted जनवरी 26, 2012 at 6:07 अपराह्न | Permalink | प्रतिक्रिया

  2. Vivek
    Posted दिसम्बर 18, 2009 at 7:38 अपराह्न | Permalink | प्रतिक्रिया

    Sunil Ji Dogle, Deshdrohi, Hindu Drohi, alpsankhyakparast, Western – Middle East ke Dollars-Petrodollars per palne wale is Modern Jayachandi Media Ki Khaal Udhedne ke lie aapka haardik Dhanyavaad.Vastav men aaj ke bikaaoo so called media ne to veshyaoon ko bhi peeche chhod diya hai, khaaskar electronic media ne.Hitler, Mussolini, Stalin, Mao, Saddam aadi bahut se shashak chaahe kitne hi galat rahe hon lekin media ko kathorta se daman karne, censorship lagaane ka kaam unhone bilkul sahi kiya. AAJKE YE CHANNEL APNE HAR DOOSRE ADVERTISEMENT MEN UNDERWEAR, CONTRACEPTIVE PILLS (72 HOURS WAALI), LADIES NAPKINS ETC. MORE AND MORE VULGAR ITEMS DIKHAATE HAIN AUR MAAR PADNE PER KAHTE HAIN HUM LOKTANTRA KE 4TH PILLAR HAIN. RAAT DIN TANTRA MANTRA WAALE BABA, PANDE PUJAARI APNE TIME SLOT PER HIRE KARTE HAIN PHIR UNHI KO AADHAR BANAKAR HINDU DHARM PAR ANDHVISHVASHEE HONE KA LABEL CHASPA KAR DETE HAIN.KOI MAULVI, IMAM, FATHER YA NUN CHILD ABUSE- CHILD MOLESTATION YA SEX RACKET SE JUDA HUA PAKDA JATA HAI TO US NEWS KO GAAYAB KAR DETE HAIN. AUR AGAR KOI PUJAAREE – MAHANT YA SEVADAAR ISMEN SHAMIL HO TO SPECIAL STORY BANAKAR HAFTON TAK DIKHATE HAIN.

  3. rajeshham
    Posted नवम्बर 21, 2009 at 4:19 अपराह्न | Permalink | प्रतिक्रिया

    yes I am agrre with you suneel ji. Media nowadays has degraded upto that extent that i have stopped seeing news channels. There simple stratgy is to sell the negative content so that TRP viewership is increased. They have pure business in mind but nothing to do with national interest or public issues. This is must to punish them so that in future they should not do any propaganda. Government can not do justice with media only public can do justice like this. In today senerio no one is ready to take reponsibilitites of wrong doings. So this is the ultimate step to punish the defaulters.regardsrajesh sharma

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