अब न जागे तो मिट जाओगे ऐ वौद्धिक गुलाम हिन्दूओ

हेडली प्रकरण ने हिन्दू राष्ट्र भारत पर मुसलमानों, ईसाईयों व सेकुलर गिरोह के सामूहिक हमलों की असलियत उजागर कर दी ।

हम लगातार हिन्दूओं के विरूद्ध किए जा रहे आतंकवादी व बौद्धिक हमलों की सच्चाई बौद्विक गुलाम हिन्दूओं के सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं। भगवान वार-वार बौद्विक गुलाम हिन्दूओं के सामने इन हमलों के प्रयोजकों, समर्थकों व हमले करने वालों के हर षडयन्त्र को उजागर करने के लिए प्रमाण दे रहा है पर न जाने क्यों बौद्विक गुलाम हिन्दू इन प्रमाणों को नजरअंदाज कर अपने पैर पर खुद कुलहाड़ी मारते जा रहे हैं।                                               

 बौद्विक गुलाम हिन्दूओं की जिद है कि वो जागेगें नहीं और हमारी जिद है कि हम बौद्विक गुलाम हिन्दूओं को जगाकर रहेंगे ।हिन्दूविरोधियों का षडयन्त्र है कि वो हिन्दूहित की वात हिन्दूओं तक पहूंचने नहीं देंगे और हमारी जिद है कि हम हिन्दूओं तक हिन्दूहित की बात पहूंचाकर रहेंगे। भगवान हमारे साथ है इसका लगभग हर रोज कोई न कोई प्रमाण जरूर मिल रहा है।आओ जरा इन्हीं प्रमाणों पर एक निगाह डालें और सोचें कि क्या सत्य है और क्या असत्य क्या सही है क्या गलत है कौन हमारे विरूद्ध किए जा रहे आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेवार है।                                      

ताजा हेडली उर्फ दाउद गिलानी , तहव्वुर राणा व राहुल भट्ट का मामला एक ऐसी सच्चाई हमारे सामने रख रहा है जिसको हर कोई देशभक्त भारतीय महसूस तो कर सकता है पर सबूत नहीं जुटा सकता। यह मामला हमें यह वताने के लिए काफी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सभ्यताओं की लड़ाई की बात करना एक कड़वी सच्चाई है न कि कोई गलती से की गई टिपणी। बौद्विक गुलाम हिन्दूओं को अपने दिमाग से अमेरिका की मिडीया द्वारा बनाई गई सेकुलर राष्ट्र की छवी से खुद को बाहर निकालना होगा। वास्तव में अमेरिका एक नसलवावादी ईसाई राष्ट्र है वहां का राष्ट्रपति अपने पद की शपथ वाईवल उठाकर लेता है । ईसाईयत का प्रचार प्रसार व चर्च की रक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला कर्तवय है। इस वक्त अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य सारे संसार में अमेरिकी सम्राज्यावादी राज्या वोले तो गोरे ईसाईयों का राज्या सथापित करना है न कि कोई मानवीय राज्या जैसा कि प्रचारित किया जाता है।अपने इस उदेशय की पूर्ति के लिए अमेरिका आज सारे गैर-ईसाई देशों पर हमला वोले हुए है ।अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए अमेरिका एक तरफ जहां  UNO, IMF, WHO, WORLD bank ,HUMANRIGHTS COMMISSION जैसी अधिकतर संस्थाओं का दुरूपयोग कर रहा है वहीं दूसरी तरफ सेना व आतंकवादियों की मदद से अपने इस मकसद को पूरा कर रहा है । कहने को तो ये सब संस्थायें अन्तराष्ट्रीय सहयोग के लिए हैं पर वास्तव में ये संस्थायें अमेरिकी सम्राज्यावाद को आगे बढ़ा रही हैं। भारत जैसे गैर ईसाई देश जो अमेरिकी दबाब में आकर अपने यहां ईसाईयत के सरंक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए तैयार हो जाते हैं उनसे अमेरिका मित्रता का ढोंग करता है यह ढोंग तब तक जारी रहता है जब तक अमेरिकी हित प्रभावित नहीं होते हैं जैसे ही अमेरिकीहित प्रभावित होते हैं बैसे ही अमेरिका आंख दिखाना शुरू कर देता है।

उपयोग कर खत्म कर दो अमेरिकी विदेश निती का मूल आधार है। इराक जैसे देश जो अमेरिका की नजायज मांगो के आगे नहीं झुकते अक्सर खत्म कर दिए जाते हैं। वांमपंथियों का विरोध अमेरिका क्यों करता है इसका मूल आधार पूंजीवाद ही ईसाईयत की पहली शिक्षा है। दूसरी तरफ अल्लहा ने मुसलमानों को भी यही शिक्षा दी है कि वो सारे संसार पर इस्लामी राज्या स्थापित करें । इसलिए अधिकतर मुसलमान भी अपने अल्लहा के इस मकसद को पूरा करने के लिए सारे संसार में कत्लोगारद मचा रहे हैं।

अल्लहा की शिक्षा और अमेरिका की विदेशनिती ही आज सारे संसार में आतंकवाद और युद्ध की जड़ बने हुए हैं दुनिया के अधिकतर हिस्सों में मुसलमान और ईसाई एक दूसरे के खून के प्यासे बने हुए हैं इन दोनों की विस्तारवादी लड़ाई ने लोगों का जीना हराम कर रखा है। ईसाईयत और ईस्लाम तब एत हो जाते हैं जब ईनका सामना मानबता और भाईचारे की आधार भारतीय संस्कृति से होता है।य़हां पर आकर ये दोनों खुद को अहसाय पाते हैं और अपनी इस कायरता को छुपाने के लिए दोनों मिलकर भारतीयों पर हमला वोल देते हैं ।

भारत पर इनके हमले को आगे बढ़ाने में इनकी हर तरह की मदद करता है सेकुर गिरोह । सेकुलर गिरोह भारत को समाप्त करने पर किस तरह उतारू है इसका पूरा विवरण हमारी पुस्तक नकली धर्मनिर्पेता में उपलब्ध है। हम पहले भी बता चुके हैं कि 1993 में मुमबई पर हमला सेकुलर नेता सुनील दत्त के बेटे संजय दत्त व सेकुलर पार्टी के नेता अबु हाजमी, 2001 पार्लियामैंट पर हमला सेकुलर प्रोफैसर गिलानी(जिसको छुड़ाया सेकुलर पत्रकार कुलदीप नैयर ने) दोषी सिद्ध को चुके अफजल की फांसी रूकवाई सेकुलर कांग्रेस ने, बटला हाउस इनकांटर के आतंकवादियों की सहायता की कांग्रेस के नेता अबदुल सतार व दिगविजय सिंह ने और सेकुलर पार्टी समाजवी पार्टी के नेता अबु हाजमी ने ,2008 का मुम्बई हमला करवाया सेकुलर पार्टी कांग्रेस के नेता अबदुल रहमान अंतुले ने जिसमें सहयोग किया अमेरिकी ऐजेंट दाऊद गिलानी ने इस सब में मुख्य मध्यस्थ का काम निभाया सेकुलर कलाकार महेश के वेटे राहुल भट्ट ने। अंत का एक पहराग्राफ समझदार लोगों को ये समझाने के लिए काफी है कि ईसाई  + मुसलमान + बौद्धिक गुलाम हिन्दू + मिडीया = सेकलर गिरोह

किस तरह भारत को तवाह और बरबाद करने पर तुले हुए हैं।

इस पहराग्राफ को पढ़कर आपको यह भी समझ आ जाना चाहिए कि क्यों शहरूखखान कहता है कि खान वेशक हिन्दूओं का खून बहाता है पर फिर भी भी खान आतंकवादी नहीं हैं अगर नहीं समझ आये तो हमें बताना हम जरूर यह सब आपके सामने रखेंगे अगर आये तो हमारे साथ जरूर सांझा करना कि खून बहाने के बाबजूद अगर खान शाहरूख सहित सेकुलर गिरोह की निगाहों में आतंकवादी नहीं है तो फिर क्या है?

अब न जागे तो मिट जाओगे ऐ  वौद्धिक गुलाम हिन्दूओ

तुम्हारी दास्तां तक न होगी दास्तानों में

 

 

  

 

 

 

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