गाऊन बर्बर ईसाई उपनिवेशवाद का स्मृतिचिन्ह

गाऊन बर्बर ईसाई उपनिवेशवाद का स्मृतिचिन्ह

हमारा पक्का विशवास है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व वेशक हिन्दूविरोधियों-दोशविरोधियों के हाथों में है लेकिन कांग्रेस में देशभक्त नेताओं की कमी नहीं।जरूरत है देशभक्त कांग्रेसियों को पहचान कर उनका साथ देकर कांग्रेस को देशविरोधियों से आजाद करवाने की क्योंकि कांग्रेस जब तक विदेशियों के ईसारे पर नाचेगी तब तक वो जब खुद सता में है तो गद्दारों के विरूद्ध काम करने के बजाए गद्दारों के लिए काम करेगी और जब विपक्ष में होगी तो सतारूढ़ दल द्वारा लिए गए किसी भी देशहित के निर्णय को किसी सांप्रदाय/जाति/क्षेत्र विशेष के विरूद्ध बताकर देश में दंगा फैलाकर हिन्दूओं को आपस में लड़वाकर भारत को कमजोर करेगी। देश को विदेशी ताकतों के चुंगल आजाद करवाना अकेले भाजपा/ भारत स्वाभिमान के बश की बात नहीं ।विदेशी ताकतों के संकजे से भारत को आजाद करवाने के लिए देश के सब देशभक्त लोगों को ठीक उसी तरह संगठित होना होगा जैसे गद्दार सेकुलर गिरोह के रूप में संगठित होकर अपने देशविरोधी-हिन्दूविरोधी षडयन्त्रों को अंजाम दे रहे हैं । हर देसविरोधी समाचार चैनल/मानवाधिकार संगठन/एन जी ओ/समाजिक कार्यकरता/धर्मांतरण की ठेकेदार संस्थायें /आतंकवादी गिरोह/कुछ न्यायधीश/फिल्म निर्माता/लेखक इस भारत विरोधी सेकुलर गिरोह का हिस्सा हैं।ठीक इसी तरह देशभक्त हिन्दू संगठनों को हर उस ब्यक्ति को साथ लाने का प्रयत्न करना होगा जो देश के प्रति बफादार है।


जब अमेरिकी दबाब में अंग्रेजों के गुलाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एंटोनियो के ईसारे पर एक ऐसा विल लोकसभा में पास करवाने की कोशिस की जो अमेरिकी कंपनियों को भारतीयों को मारने की खुली छूट देता था तब हर देशभक्त की तरह देशभक्त कांग्रेसियों को भी बुरा लगा ।इन 35 देशभक्त कांग्रेसियों ने विधेयक पेश होने के वक्त संसद से अनुपस्थित रहकर अपना विरोध प्रकट कर देशविरोधी कांग्रेसी नेतृत्व की पोल खोलकर रख दी।हमारे विचार से इन कांग्रेसियों के देशहित में लिए गय इस फैसले का जितना सनर्थन किया जाये उतना कम है।जनता को समझना चाहिए कि जब पूरी कांग्रस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व देशविरोधियों के हाथ में हो तब इस तरह का कदम उठाना अपना कैरियर दांव पर लगाने जैसा था। हमारे विचार में ये कांग्रेसी जानते हैं कि अगर देश है तो कैरियर है अगर देश नहीं तो काहे का कैरियर।


ऐसा नहीं कि ये पहली घटना है जिसमें देशभक्त कांग्रेसियों ने विदेशीयों की हिन्दूविरोध-देशविरोदी नितियों का विरोध किया हो ।इससे पहले हिमाचल के ततकालीन मुख्यामन्त्री वारभद्र सिंह जी ने हिमाचल में एक ऐसा विधेयक पारित करवाया जो धर्मांतरण के ठेकेदारों के मूंह पर तमाचे की तरह जा लगा।इस विधेयक को रद्द करने के लिए अमेरिका से लेकर एंटोनियो तक के दबाब को ठेंगा दिखाते हुए वीरभद्र सिंह जी ने वो ही किया जो देशहित में था।जिसकी उन्हें कीमत भी चुकानी पड़ी। एंटोनियों ने अपने प्रभाव का प्रयोग नवीन चावला के माध्यम से करते हुए चुनाब छे महीने पहले करवाकर योजनाबद्ध तरीके से वीरभद्र जी के समर्थक ताकतवर जिताऊ उमीदवारों के टिकट कटवाकर वीरभद्र सिह जी को चुनाब हरवाकर अपने सांप्रदाय से संबन्ध रखने वाली विद्यास्टोक्स को नेता विपक्ष बनवा दिया।


सत्यव्रत चतुर्वेदी जी को कौन भुला सकता है जिन्होंने शहीद मोहन चन्द जी का अपमान करने वाले गद्दार अमर सिंह को पागल करार देकर अपनी अप्रसन्ता को जगजाहिर कर दिया।परिणामस्वारूप गद्दारों की ठेकेदार एंटोनिया ने उन्हें कांग्रेस के प्रवक्ता पद से हटा दिया।ध्यान रहे अभी कुछ दिन पहले एक और गद्दार के विरूद्ध मुंह खोलने के फलस्वारूप इस गद्दार एंटोनिया ने उन्हें फिर कांग्रेस के प्रवक्ता पद से हटा दिया।


अभी पिछले कल ही पर्यावरण मंत्री श्री जयराम रमेस जी ने गुलामी के प्रतीक गाऊन को उपनिवेशवाद का स्मृतिचिन्ह करार देकर एक सच्चे भारतीय का मन प्रकट कर एंटोनियो की गुलामी के विरूद्ध विद्रेह का एक और विगुल बजा दिया । जिस पर भारत में रह रहे विदेशी आक्रममकारियों के एजेंट धर्मांतरण के ठेकेदार ईसाईयों को काफी तकलीफ हुई । हो सकता है कि बहुत जल्दी ये ईसाई अपनी ठेकेदार एंटोनिया के पास जाकर ठीक उसी तह सिकायत करें जिस तरह वीरभद्र सिंह जी की की थी




अन्त में हम तो इतना ही कहेंगे कि देशभक्त कांर्गेसियों द्वारा समय-समय पर हिन्दूविरोधियों-देशविरोधियों के विरूद्ध बजाए जा रहे विगूल को एक समूर्ण क्रांति में वदलने की जरूरत है।




Advertisements

2 Comments

  1. raja
    Posted मार्च 22, 2013 at 12:30 पूर्वाह्न | Permalink | प्रतिक्रिया

    bilkul theek

  2. Sudeep
    Posted अक्टूबर 17, 2010 at 2:31 अपराह्न | Permalink | प्रतिक्रिया

    I like this comment . you writes truth. Thanks

आपके कुछ न कहने का मतलब है आप हमसे सहमत हैं

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: