आखिर कब तक मुसलमान इस तरह पुलिस की ज्यादतियों का सिकार होते रहेंगे?

आखिर कब तक मुसलमान इस तरह पुलिस की ज्यादतियों का सिकार होते रहेंगे?

आज शुबह शुबह हम वाराणशी पहुंच गए वो भी नइ सड़क रोड़ पर।हमें लगा कि जो हमने देखा उसे आप तक कोई और पहुंचाये तो क्यों न हम ही पहले वाजी मार लें क्या पता इसी चककर में पोस्ट हिट हो जाये।

हमने सुना था कि वाराणसी गंगा-जमुनी संसकृति का प्रतीक है जिसे मुसलिम भाईयों ने हर कुर्वानी लेकर जिन्दा रखा है अभी हाल ही में इन मुसलिम भाईयों ने हनुमान मन्दिर की कुर्वानी लेकर इसी गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने का अपनी तरफ से एक बड़ा प्रयास किया।जो कसर रह गई थी उसे मुसलिम भाईयों ने बंगलादेशीयों के साथ मिलकर हर सड़क किनारे,चौराहे व भीड़भाड़ वाली जगह की कुर्वानी ली उस पर   अपने आसियाने व दुकानें खोलकर वो भी इसी तहजीब की खातिर।ये काम मुसलामन सिर्फ काशी में ही थोड़े कर रहे हैं सारे भारत में पूरी लगन से ये अपने इस काम को जाम दे रहे हैं। लोग इसे नजायज कब्जा बताते हैं,हम कहते हैं कि जब प्रधानमन्त्री मनमोहनखान कह चुके हैं कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है तो फिर नजायज कब्जा कैसा।जो लोग इसे नजायज कब्जा बताते हैं उन्हे सरियत व संविधान की जानकारी नहीं।आखिर संविधानन ने ही तो मुसलमानों को शरीयत व कुरान शरीफ का पालन करते हुए चार-चार शादियां कर 30-40 बच्चे पैदा करने का अधिकार दिया है।अब जब ये संविधान के अनुसार जीबन जी कर देश से इतनी छोटी सी कुर्वानी ले रहे हैं तो फिर इनके बच्चों के पालन पोषण व रोजगार की जिम्मेदारी भी संविधान वोले तो देश वोले तो हिन्दूओं की ही हुई न ।अब जब उन्होंने देश की कुर्वानी की खातिर इन बच्चों को पालने के लिए सड़क पर कब्जा कर अपने आसियाने व दुकानें बना ली तो फिर प्रसासन को तो इन्हें विजली पानी उपलब्ध करवाने की ब्यबस्था करनी चाहिए थी सड़क तो है ही । बैसे भी आप बताओ कि सड़कों पर पूंजीवादियों के बाहन चलाने जरूरी हैं या फिर इन बेचारे गरीबों का भरण-पोषण व आसियाना बनाना। आज शुबह-शुबह जब हमने देखा कि ये वेचारे अपने आसियाने की रक्षा के लिए जब पुलिस पर सिर्फ पत्थर ही बरसा रहे थे तो पुलिस ने इन पर फूल वरसाने के बजाए लाठी चार्ज कर दिया। हमें एकदम एहसास हो गया कि पुलिस सांप्रदायिक ताकतों वोले तो वीएसपी वोले तो हिन्दूओं के इसारे पर काम कर रही हैं ।अगर पुलिस इसी तरह इन्हे सड़कों ,चौराहों व हिन्दूओं की जमीनों पर कब्जा करने से रोकेगी तो भला कौन मुसलमान या सेकुलर हिन्दू ये सब बरदाश कर पाएगा।जिस दिन मनमोहन खान को ये पता चला कि पुलिस ने इन वेचारे मुसलिम भाईयों के साथ ऐसा सलूक किया है उस दिन वो 36 हॉंडग्रनेड व 12 AK47 रखने वाले वेचारे मुसलिम भाई सोराबुद्दीन को मारने वाले गुजरात के पुलिस अधिकारियों की तरह इन्हें भी जेल में डाल देंगे CBI वोले तो कांग्रेस ब्यूरो आफ इनवेसटीगेशन का उपयोग कर।तब होश ठिकाने आयेंगे इस सांप्रदायिक मुख्यामन्त्री के।

अन्त में आखिर कब तक वेचारे मुसलमान इस तरह पुलिस की ज्यादतियों का सिकार होते रहेंगे?

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