बुझो तो जानो—–कशमीर घाटी व आसाम में भारी सफलता के बाद अब हैदराबाद में।—बताओ हम कौन हैं?

बुझो तो जानो—–कशमीर घाटी व आसाम में भारी सफलता के बाद अब हैदराबाद में।—बताओ हम कौन हैं?

हम बहुत महान हैं इतने महान कि हम हमारा समर्थन करने वालों का बहिस्कार कर उनका खातमा सुनिश्चित कर अपने सत्रुओं को हमारे पर विना किसी रोक-टोक के हमला कर तबाह करने का मौका दे देते हैं ताकि हमारे शत्रुओं को हम पर विजय पाने में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। क्या आपको जानकारी है कि ये हमारा ही सहयोग था जिसके परिमामसवारूप हम पहले अफगानीस्थान से ,फिर पाकिस्तान व बंगलादेश से खदेड़े गय। विभाजनजन के वाद भी हमने अपनी महानता नहीं छोड़ी ।हमने अपने खात्मे के लिए कसमीर घाटी में भी अपनी महानता का परिचय देते हुए मुसलिम आतंकवादियों को हर तरह का सहयोग देकर अपना समूलनाश सुनिश्चित किया।क्योंकि हमारी सेना अब तक बहुत ताकतबर हो चुकी थी इसी ताकत का फयदा उठाकर कहीं वो हमारा विनाश चाहने वाले मुसलिम आतंकवादियों का नाश न कर दे इसीलिए हमने अपनी सेना पर इस तरह के प्रतिबन्द लगाय कि सारी की सारी सेना देखती रह गई और हमने कशमीघाटी को खुद से मुक्त करवा दिया।इसी महानता के चलते हमने आसाम में ऐसे कानून बनाए कि वहां भी हमने मुसलिम आतंकवादियों की विजय सुनिश्चित कर दी है।गुजरात में हमारे कुछ मूर्खों की बजह से मुसलिम आतंकवादियों को विरोध का समाना करना पड़ा इसलिए हमने उन मुर्खों के कहने पर आतंकवादियों के खात्मे के लिए काम करने वाले पुलिस अधिकारियों व जवानों को जेल में डाल दिया ताकि कोई और पुलिस वाला हमारी रक्षा करने का साहस न कर सके।हमने मुंबई में अपने लोगों को मारने वाले अपने मुसलिम आतंकवादियों आतंकवादियों के लिए क्या नहीं किया ।अन्त में हमने हर तरह के प्रयास कर इन्हें बचा ही लिया। सारे देश में हमें जिस तरह की सफलता मिल रही है उसे देखते हुए अब हमने हैदरावाद में पुलिस चौकी पर हमला करने वाले हमारे मुसलिम भाईयों को बचाने की अपनी कोशिस सुरू कर दी है ।भगवान ने चाहा तो यहां भी हम किसी हिन्दू को उठाकर जेल में डालकर अपने इन मुसलिम भाईयों का जुल्म उनके सिर डालकर अपने मुसलिम भाईयों को बचा ही लेंगे।क्या आपको पता नहीं किस तरह हमने झूठे आरोप लगाकर हमारी रक्षा की बातें करने वाली प्रज्ञा सिंह ठाकुर,लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित को जेल में डालकर मकोका लगाकर  ये सुनिश्चित किया कि वो जेल से न छूट पायें । वेशक मकोका कोर्ट के कुछ मूर्ख जजों ने उन पर से मकोका हटा दिया पर हमने उन्हें जेल से नहीं छोड़ा।देवेन्द सिंह व चन्द्रशेखर के साथ भी हम यही सलूक करने वाले हैं।

देखा न हम कितने महान हैं ।

बस अब जरा ये बता दो कि अपनों का विनाश सुनिश्चिक करने वाले हम कौन हैं?

 

 

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