Monthly Archives: जून 2010

क्या आपको ये तसवीरें देखकर लगता है कि सुरक्षाबल वेकाबू हैं जैसा कि आतंकवादियों का मददगार उमर अबदुल्ला आरोप लगा रहा है ?

यहां जिस युबक की मौत का जिक्र किया जा रहा है जानते हो वो कौन था व कैसे मरा ? सोपोर में आतंकवादियों व सुरक्षावलों के वीच मुठबेड़ हुई जिसमें आतंकवादी मारे गए। इस मुठभेड़ के बाद जब सुरकक्षावल बापस लौट रहे थे तो इस नबयुबक सहित दर्जनों आतंकवादियों के मददगारों ने सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया। इस हमले में सुरक्षाबलों की गाड़ी जला दी गई ब सुरक्षाबलों को भी मारने कोशिश कोशिश की गई। इस संघर्ष में ये आतंकवादी मारा गया जिसका राज्य का जिहादी मुख्यमन्त्री विरोध कर रहा है। अब प्रश्न सिर्फ इतना सा है कि जो भी कातिल आतंकवादियों के समर्थन में सुरक्षाबलों पर हमला करे वो व उसका समर्थन करने वाले गद्दार नहीं तो और क्या हैं?

गद्दारी की सजा मौत के सिवा और क्या हो सकती है ?

अबदुल्ला परिवार वो परिवार है जिसने नेहरू परिवार के सहयोग से कशमीर घाटी से हिन्दूओं का नमोनिशान मिटाया। अब जब कशमीरघाटी में हिन्दूओं की लगभग हर सम्मपति पर मुसलिम आतंकवादी कब्जा जमा बैठे हैं ।सुरक्षाबल लगातार मुसलिम अलगाववादियों के हमले झेल रहे हैं।


एक तरफ सेकुलर गिरोह की केन्द्र सरकार सुरक्षाबलों पर मुकद्दमे पर मुकद्दमा दर्ज कर उनका मनोबल तोड़ने का प्रयत्न कर रही है दूसरी तरफ राज्य सरकार खुलकर आतंकवादियों का समर्थन कर सेना व CRPF पर हमले करवा रही है।


इन सब हालात में सेना व अन्य सुरक्षाबलों को लगातार अपने जबानों को खोना पढ़ रहा है।आए दिन मुसलिम आलगाववादियों द्वारा किए जा रहे हमलों से ढेरों सैनिक घायल हो रहे हैं।


अब आप इस तसवीर को देखकर खुद तय कर लो कि इसे हम विरोध प्रदर्शन कहेंगे या फिर सेना पर हमला।

जिस मकान को ये निसाना बना रहे हैं उसके अन्दर सैनिक हैं सैनिकों के इतने धैर्य के बाद भी अगर ये राक्षस उन पर हमला किए जा रहे हैं तो बजह एक ही है ये आतंकवादी जानते हैं कि केन्द्र और राज्य सरकार ने सुरक्षाबलों के अधिकारों में कमी कर आतंकवादियों को हमला करने की छूट दे रखी है। अब इसके बाद भी अगर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार सुरक्षाबलों पर दबाब बनाए जा रहे हैं तो ये गद्दारी की इन्तहां नहीं तो और क्या है?

सैनिकों पर बढ़ते हमलों से निजात पाने के लिए कोई भी देशभक्त सरकार सेना को खुला हाथ देकर यथाशीघ्र अलगाववादियों का सफाया करबाती जबकि गद्दारों की सरदार एंटोनिया की ये गुलाम मनोमोहन सरकार उल्टा आतंकवादियों का साथ देकर सेना व सुरक्षावलों का नुकसान करवाने पर तुली है।


सैनिकों पर प्रतिबन्ध लगाकर आतंकवादियों की सहायता करने का इनका ये काम कोई नया नहीं है।


नेहरू खानदान व अबदुल्ला खानदान के ऐसे ही कारनामों की बजह से कशमीरघाटी में 60000 से अधिक हिन्दूओं का नरसंहार अंजाम दिया गया व 500000 हिन्दूओं को वेघर किया गया।


हम तो सेना के तीनों अंगों के अध्यक्षों से यही विनती करेंगे कि इस सरकार को सता से हटाकर खुद देश की सुरक्षा सुनिश्चित करें ।


आशा है आप भी इस बात से सहमत होंगे।

देखो जरा क्या हालात हैं सुरक्षाबलों के।

सैनिकों पर हमला करने जाते मुसलिम अलगाववादी

सैनिकों को दौड़ा-दौड़ा कर मारते मुसलिम आतंकवादी

सैनिकों को घेर-घेर कर मारते मुसलिम आतंकवादी

मुसलिम आतंकवादियों के हाथों मारे जा रहे सैनिकों पर और दबाब बनाती गद्दारों की राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को आप क्या कहोगो?

हम तो एकवार फिर कहते हैं कि मुसलिम आतंकवादियों की मदद करने वाले नोताओं को गोली से उड़ाकर सेना को अपनी व देश की रक्षा खुद अपने हिसाब से करनी चाहिए।


जल ही जीबन है।

 
 
जल ही जीबन है।
 
पञ्च भौतिक तत्वों में जल एक महत्व पूर्ण तत्व है पृथ्वी पर व मानव शरीर में दो तिहाई जल तत्व ही है इस लिए जल का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है इसी जल या पानीं को नमन करते हुए यह पंक्तियाँ प्रस्तुत हैं 
 
 
पानी पानी पानी पानी
 कितने रूप दिखता पानी 
किस का पानी सब का पानी 
ऐसा पानी वैसा पानी 

कभी तरलता कभी सघनता 
कभी बर्फ बन जाता पानी 
कभी उतर आता है नीचे 
कब सिर पर चढ़ जाये पानी 

बदल बन अमृत बरसाए 
नेह कि बूँद लुटाता  पानी 
यदि रहे मर्यादा इस कि 
जीवन दायक तब है पानी 

धरती तो अबला है कितनी 
पर अधिकार जमाता  पानी 
जितना करे कठोर हृदय को 
उतना तरल बनता पानी 

सागर कि सीमा लांघे तो 
हिम गिरी तक जा पहुंचे पानी 
मन का पानी उमड़ उठे तो 
सब कुछ खूब डूबता पानी 

कहते हैं चंदा पर पानी 
हो सकता उस पर हो पानी 
पर फिर भी वो खूब चुराता 
धरती के हृदय का पानी 

कभी बहुत आ जाता पानी 
बन कर नेह बरसता पानी 
सारी धरती किये एक रस 
सब कुछ खूब डूबता पानी 

कभी बहुत चिक्कन है पानी 
कभी स्निग्ध हो जाता पानी 
कभी तरलता लाता  पानी 
कभी सूख जाता है पानी 

गंगा का जल कब है पानी 
नमन करो तो अमृत बन कर 
पीढ़ी पार उतारे पानी
 जल गंगा जल बन कर पानी 

कभी आँख बहर आता पानी 
कभी नयन बहर आता पानी 
कभी उतर जाता है पानी 
कभी बहुत चढ़ जाता पानी 

धारदार हो जाता पानी 
धार कुंद कर जाता पानी 
एक नजर भारी पद जाती 
कितना स्वयम उतरता पानी 

मतलब निकले कौन पूछता 
चुप चाप उड़ जाता पानी 
सभी स्निगधता धरी रह गयी 
कैसा रुक्ष बनता पानी 

बहुत अधिक चुल्लू भर पानी 
उतरे यदि आँख का पानी 
एक बार यदि डूब गये तो 
हो जाती है खत्म कहानी 

आखिर पानी तो है पानी 
बिन पानी बेकार जवानी 
जीवन भर की यही कहानी 
बिन पानी सब सून कहानी 

सब को चाहिए अपना पानीं 
जीवन दूभर है बिन पानी 
बूँद बूँद भर सींचे पानी 
यह जीवन की सफल कहानी 

मेरा पानी तेरा पानी 
सभी एक रस हो ये पानी
जल में कुंभ कुंभ में जल है 
फूटे कुंभ सब पानी पानी 

डॉ. वेद व्यथित  

एक मुसलमान के बदले 32 हिन्दू-सिखों के कत्ल की तैयारी।आओ मिलकर बचाने का प्रयत्न करें।

 एक मुसलमान के बदले 32 हिन्दू-सिखों के कत्ल की तैयारी।आओ मिलकर बचाने का प्रयत्न करें। (pulished on Jago Hindu Jago on dated 15-06-10)

 

 

हमारे पास कहने लिए शब्द नहीं हैं बस इतना कहेंगे कि हम इन हिन्दू-सिखों को बचाने के लिए अपनी तरफ से 51000 रूपए देने को तैयार हैं अगर आप भी कुछ दे सकते हैं तो आप पंजाब केसरी के विजय चोपड़ा जी से संम्पर्क करें।

हम भी उनसे ही सम्पर्क करेंगे।हमारी विजय चोपड़ा जी से कोई बात नहीं हुई है पर हमें पूरा विस्वास है कि इन हिन्दू-सिखों को आदमखोर मुसलमानों से बचाने के लिए वो जरूर आगे आयेंगे । कशमीरघाटी से मुसलमानों द्वारा उजाड़े गए हिन्दूओं की सहायता के लिए वो हमेशा काम करते रहें हैं आशा है ये नेक काम भी उनके द्वारा ही पूरा होगा।अगर आपको सही लगे तो हमें भी जानकारी भेज दें जी।



आप विजय जी से फोन शंख्या 0181—-5030000 पर बात कर सकते हैं ।

हमने अभी फोन किया था तो हमें बताया गया कि उनसे आधे घंटे बाद बात हो सकेगी । जो भी बात होगी वो हम आपको टिप्पणी के माध्यम से बता देंगे जी।

विजय जी से अभी हमारी बात हुई।


उन्होंने बताया कि अभी कोई पैसा ने भेजें सिर्फ इस कार्य में सहायता के लिए अपना पत्र/Email भेज दें क्योंकि अभी तक उन्होंने कोई फंड नहीं बनाया ।अभी सिर्फ समाचार छपा है।


वो पता लगाने की कोशिश करेंगे अगर कोई उपयुक्त ब्यक्ति या संस्था मिली तो फिर वो खुद सम्पर्क कर लेंगे। विजय जी का इ-मेल पता निम्नलिखित है।


news@thepunjabkesari.com दुबई में कैद हिन्दू-सिखों को छुड़वाने में सहयोग देने के वारे में(FOR KIND ATTENTIONOF RESPECTED VIJAY CHOPRA JI

त्याग की मूर्ति एंटोनिया का मारा राजीब गांधी वेचारा

 

त्याग की मूर्ति एंटोनिया का मारा राजीब गांधी वेचारा।

हमारा मानना है कि राजीब गांधी जी एक साधारण इमानदार इनसान थे लेकिन देश के शत्रुओं द्वारा बुने जाल में फंसकर वो एंटोनिया को एक आम इनसान मानकर वो गलती कर बैठे जिसने उनकी जिन्दगी को लांछित कर अन्त में समाप्त कर दिया।

जब हम कह रहे हैं तो हमारा अभिप्राय सिर्फ इतना है कि एंटोनिया अगर सच में राजीब जी के प्रेम में होती तो क्वात्रोची को साथ न लाती ।अगर ले भी आई थी तो खुलकर उसका साथ न देती। आप सबने देखा कि किस तरह पहले तो कानून मन्त्री हंसराज भराद्वाज को लंदन भेजकर वोफोर्स दलाली कांड के पैसे निकलवाए गए और बाद में उसके उपर से सब केश समाप्त करवा दिए गए।

इसी बजह से हनारी शंका है कि एंडरसन को भगाने के पीछे भी कहीं न कहीं ऐंटोनिया का ही हाथ है। क्योंकि एंटोनिया भारत विरोधियों द्वारा planted विशकन्या है जिसका एकमात्र मकसद भारत के विरोधीयों के हित साधना है जिसके आए दिन प्रमाण मिल रहे हैं जिन्हें गुलाम कांग्रेसी व मिडीया दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

आज हम आपके सामने कांग्रेस के देश से की गई व की जा रही गद्दारी के कुछ प्रमाण रख रहे हैं

 

हमारा आपको अखबार पढ़ाने या फिर कोई कहानी सुनाने का कोईइरादा नहीं।बस इरादा है तो आपको सच्चाई का साक्षातकार करवाने का ।

आपको हमने बताया कि किस तरह UPA सरकार ने आतंकवादियों को फायदा पहुंचाने के लिए सेना,पुलिस व देसभक्तों पर हमला किया उन्हें पकड़कर जेल   मेंडाल दिया।कशमीर  घाटी में तो सेना की एक पूरी बटालियन पर ही केश दर्ज कर आतंकवादियों को सेना व आम लोगों पर हमला करने के खुले संकेत दे दिए गए।

सेकुलर गिरोह जिसे फर्जी मुठभेड़ करार दे रहा है वो खुंखार आतंकवादियों की सीधी लड़ाई में मारे जाने का मामला हैषलेकिन जिन्हें माननीय सर्वोच न्यायालय द्वारा फांसी की सजा प्राप्त आतंकवादी निर्दोष नजर आता है भला उन्हें मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी क्यों निर्दोष  नजर नहीं आयेंगे?

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आदमखोर सेकुलर गिरोह व कांग्रेस के ऐसे ही षडयन्त्रों के परिणामस्वारूप पहले 1947 में धर्म के आधार  पर भारत का विभाजन हुआ जिसके दौरान करोंड़ों निर्दोष हिन्दूओं का कत्ल हुआ व बाद में कशमीरघाटी में हजारों  हिन्दूओं का कत्ल कर लाखों को वेघर कर दिया गया

अब जब ये पूरी तरह से शाफ हो चुका है कि हजारों लोगों के कातिल व लाखों की विमारी का कारण बने ऐंडरसन को भगाने वाला कोई और नहीं राजीब गांधी है तो आदमखोर कांग्रेस ने न्यायपालिका को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बैसे बमारा मामनना है कि अगर एंटोनिया का नार्कोटैस्ट करवाकर पता लगाया जाए तो बोफोर्स दलाली रकांड की तरह इस मामले में भी एंटोनिया का ही भारत विरोधी षडयन्त्र सामने आएगा।

विरपामोईली जैसे लोग वो गुलाम हैं जो अपनी कुर्सी वजेब के लिए किसी कि भी पैरवी कर सकते हैं।

अब आप प्रमाण देखिए और साथ में पढ़िए विरपामोईली का बयान

नई दिल्ली/बंगलूरू। भोपाल गैस पीड़तों को न्याय नहीं मिलने के मामले में कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने शनिवार को सरकार का बचाव करते हुए सारा दोष न्यायपालिका पर मढ़ दिया।

 

 

 

 

 

 

 

हमने आपको THE RED SAREE  पर अपनी समीक्षा में बताया था कि ये पुस्तक  एंटोनिया उर्फ Edvige Antonia Albina Maino उर्फ सोनिया गांधी के प्रति सहानुभूति तैयार करने के मकसद से एंटोनिया के किसी मित्र व कांग्रेस की मिलीभक्त से लिखी गई है व इसे अधिक से अधिक लोगों को पढ़ाने के लिए प्रयोजित बखेड़ा खड़ा करने की कोशिस की जा रही है जिसकी पुस्टी अब खुद मोरो ने भी कर दी है।

 

 

 

 

अब आप खुद ही यह तय  करो कि    ये सब मामले मिलकर

 उलटा चोर(देशरोधी-हिन्दूविरोधी एंटोनिया की गुलाम कांग्रेस)
कोतवाल  सेना ,न्यायपालिका,देसभक्तों,संतो व देशभक्त संगठनों) को डांटे(पर दोशारोपण करे)……

वाली कहाबत को ही चरितरार्थ नहीं करते हैं……

 

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