क्या UPA के नेतृत्व में धर्मनिर्पेक्ष गिरोह अयोध्या में अनर्थ करवाने की तैयारी में है?

भगवान करे कि जो हमें समझ आ रहा है वो पूरी तरह गलत हो। आज देश में जो हालात हैं चारों तरफ प्राकृतिक आपदा और हिंसा एक तरफ वामपंथी आतंकवादियों द्वारा व दूसरी तरफ मुसलिम आतंकवादियों द्वारा। इस दोनों तरह के भारतविरोधी आतंकवाद को UPA के नेतृत्व में धर्मनिर्पेक्ष गिरोह का समर्थन।


जो धर्मनिर्पेक्ष गिरोह गिरोह पिछले 4 वर्ष से मुसलिम आतंकवादी अफजल की फांसी रोके हुए है माननीय सर्वोच न्यायालय द्वारा पैसला करने के बाद भी वार-वार चेताय जाने के बाबजूद।


जो गिरोह मुम्बई पर हुए आतंकवादी हमले के अपराधी मुसलमानों को बचाने का प्रयत्न कर रहा है।


जो गिरोह वामपंथी आतंकवादियों द्वारा सैंकड़ों वेगुनाह सैनिकों व हजारों निहत्थे आम लोगों के कत्ल के बाबजूद इन आतंकवादियों का साथ दे रहा है—-कभी राहुल गांधी तो कभी ममता बनर्जी तो कभी दिगविजय सिह तो कभी चिदमबरम तो कभी एंटोनिया इन आतंकवादियों के साथ खड़ी नजर आ रही है।


सोचने का विषय सिर्फ इतना है कि जो धर्मनिर्पेक्ष गिरोह भारत विरोधी आतंकवादियों का हर तरह से बचाब कर रहा है वही गिरोह देशभक्त हिन्दूओं व भारत की आस्था के केन्द्र भगवा को आतंकवादी कहकर बदनाम करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।


क्या वो गिरोह सब प्रमाण मौजूद होने के बाबजूद माननीय न्यायालय को अपना पैसला मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्रीराम के समर्थन में सुनाने देगा?


ध्यान रखना होगा कि यह उसी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की सरकार है जिसने मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा निर्मित राम सेतु को तोड़ने के लिए माननीय न्यायालय में लिखकर दिया कि भगवान राम हुए ही नहीं।ये हिन्दू विरोधी गिरोह यहीं नही रूका इसने आगे बढ़कर इस गिरोह ने कहा कि पबित्र रामायण एक काल्पनिक पुस्तक है।


क्या ऐसा सम्भव है कि जो धर्मनिर्पेक्ष गिरोह भगवान राम के अस्तित्व तक को मानने के लिए तैयार न हो वही गिरोह मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर निर्माण के पक्ष में दिए जाने वाले किसी भी फैसले की सम्भावना पैदा होने पर खामोस रहे ?


हमें नहीं लगता कि ये गिरोह माननीय न्यायालय के काम में हिन्दूओं की आस्था के विरूद्ध हस्तक्षेप न करे।


हमें यह भी याद रखना होगा कि यह वही गिरोह है जिसने बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए आबंटित भूमि को हिन्दूओं को नीचा दिखाने के लिए बापिस ले लिया।


यह वही गिरोह है जो मुसलमानों की एक आह तक नहीं सुन सकता पर हिन्दूओं द्वारा 70 दिन तक अपने बाबा भोले नाथ के समर्थन में चलाय जा रहे अन्दोलन व कई हिन्दूओं की शहीदी के बाबजूद इस गिरोह के कान पर जूं तक न रेंगी।


कुल मिलाकर ये हिन्दूविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह हिन्दूओं की आस्था व पीड़ा के प्रति न केवल संवेदनहीन है पर उससे कहीं आगे जाकर इस गिरोह को हिन्दूओं की आस्था के केन्द्रों पर प्रहार कर हिन्दूओं को पीड़ा पहूंचाने में आनन्द का अनुभव होता है।


अब इस गिरोह की सरकार के सता में रहते कोई फैसला हिन्दूओं को राहत पहूंचाने के पक्ष में आए ऐसा कैसे हो सकता है?


हमें हैरानी तो इस बात की भी हो रही है कि जिन मुसलमानों ने आज तक माननीय न्यायालय के किसी भी आदेश के नहीं माना वही इस मामले में आदेश मानने की कसमें उठा रहे हैं।


जहां हिन्दू पक्ष भविष्य में किसी भी तरह के द्वेष से बचने के लिए समझौते की बात कर रहा है वहीं मुसलिम पक्ष समझौता करने के किसी भी मूढ़ में नजर नहीं आता कारण साफ है।


मुसलिम पक्ष जानता है कि वेशक प्रमाण हिन्दूओं की आस्था के पक्ष में हों लेकिन सता में बैठे लोग तो पूरी तरह से हिन्दू विरोधी है वो हर हाल में फैसला मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्रीराम के मन्दिर के विरूद्ध करवाकर हिंसा और अत्याचार के प्रायवाची आक्रमणकारी बाबर को एकवार फिर विजयी बनायेंगे आखिर जयचंद के वंशज जो ठहरे ।


अन्त में हम एकवार फिर भगवान से यही प्रार्थना करेंगे कि जो हमें समझ आ रहा है वो पूरी तरह से गलत हो ।


आओ मिलकर भगवान से प्रार्थना करें कि धर्मनिर्पेक्ष गिरोह किसी तरह से जजों से हिन्दूओं के हित के विरूद्ध काम करवाने के अपने किसी भी षडयन्त्र में सफल न हो।

http://samrastamunch.blogspot.com पर दिनांक 22-09-10 को लिखा गया 


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