सेना का भ्रष्टाचार के मामलों से कुछ लेना-देना नहीं ये सब कुकर्म तो रक्षामन्त्री के नेतृत्व में गैर सैनिकों द्वारा अन्जाम दिए जाते हैं।

आप जानते हैं कि हम देश के सैनिकों को अपना आदर्श मानते हैं । उनके वारे में कुछ भी लिखने से पहले हम ये नहीं भूलते कि ये वही सैनिक हैं जिनकी कुर्वानियों के परिणामस्वारूप आज हम अपने घरों में आजादी से जी रहे हैं। हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिप्रेक्ष गिरोह जिस तरह भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए दिन-रात एक किए हुए है उससे हम कतई सहमत नहीं।
हम सब जानते हैं कि सेना के साजो-समान की खरीद-फरोक्त से लेकर सेना की संम्पतियों तक की देखभाल का अधिकार सेना के अधिकारियों के बजाए गैर सैनिकों के पास है।इसलिए जब भी सैनिक साजो समान या फिर जमीन घोटाला सामने आता है तो किसी भी तरह से सैनिकों पर अंगुली उठाना जायज नहीं है। आप जानते हैं कि भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बोपोर्स घोटाला था । जिसे एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी ने अपने इटालियन मित्र क्वात्रोची की सहायता से अन्जाम दिया जिसके प्रमाण तब मिले जब इस अंग्रेज की गुलाम UPA सरकार ने क्वात्रोची के जब्त पैसे को छुडवाकर उसके उपर भारत में चल रहे सबके सब केश समाप्त कर दिए।आप सब जानते हैं कि एंटोनिया की पहुंच सैनिकों तक नहीं थी उसने इस सारे घोटाले को सेना पर कब्जा जमाकर बैठे गैर सैनिकों का दुरूपयोग कर अंजाम दिया।
इसी तरह आदर्श सोसाईटी घोटाले में भी गैर सैनिकों ने जो कुकर्म किए उसका आरोप सैनिकों के सिर मढ़ने की कोशिस की जा रही है। बैसे भी जिस सरकार में हर तरफ हर सतर पर भ्रष्टाचारियों व देशद्रेहियों की पकड़ हो उसके दबाब में कोई भी भोला-भाला सैनिक अधिकारी फंस सकता है वो भी तब जब लैफटिमनैंट कर्नल पुरोहित जी की तरह झूठे आरोपों में फंसाने की तलबार हर वक्त सिर पर लटका दी जाए।
जनरल दीपक कपूर जी पर आज आरोप लग रहे हैं कि उन्हें हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने विशेष नियम बनाकर जमीन दी। आदर्श सोसायिटी घोटाले में भी उनका नाम आ रहा है। सच बतायें तो देश के 99% सैनिकों को राजितिज्ञों द्वारा अपनाए जाने वाले भ्रष्ट तरीकों की जानकारी तक नहीं होती।अब हरियाणा में ऐसा कोई विशेष कानून बन सकता है ऐसा जनरल साहब ने कहा हो हम सोच भी नहीं सकते । UPA सरकार का कोई न कोई नेता ऐसा रहा होगा जिसने ऐसे प्रलोभन देकर जनरल दीप कपूर जी से वो कहलबाया जो आज तक भारतीय सेना ने कभी नहीं कहा था।
1947 से आज तक कांग्रेस जिस फूट डालो और राज करो की जिस निती का सहारा लेकर लोगों को आपस में जाति, क्षेत्र, सांप्रदाय, भाषा के आधार पर लडवाकर राज करती रही उस निती का जनरल दीपक कपूर से पहले किसी सैनिक अधिकारी ने खुलकर समर्थन नहीं किया।
ये बात और है कि कई मुख्य चुनाबयुक्त व नयायाधीश कांग्रेस के भ्रष्ट जाल में फंसकर नौकरी में रहते हुए कांग्रेस की इस फूट डालो और राज करो की निती का अनुमोदन करते नजर आए जिन्हें कांग्रेस ने आगे चलकर कभी मन्त्री तो कभी और कोई बढ़ी जिम्मेदारी देकर कांग्रेसभक्ति का इनाम दिया।
हमें उस वक्त बहुत हैरानी हुई जब जनरल दीपक कपूर जी ने सांप्रदिक ताकतों की बात कर कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की देशविरोधी निती का अनुमोदन कर सेनाअध्यक्ष के पद का अपमान किया।
फिर भी हम मानते हैं कि वेशक कुछ समय के लिए जनरल दीपक कपूर जी कांग्रेश के भ्रष्ट तन्त्र का सिकार होकर भटक गए हों फिर भी इन घोटालों के लिए उनको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

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