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आओ शहीद भगत सिंह जी के शहीदी दिवस पर उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रण करें।

आओ शहीद भगत सिंह जी के शहीदी दिवस पर उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रण करें।

आज भारत को काले अंग्रेजों ने जिस गर्त में धकेल दिया है उसकी शायद किसी भी शहीद ने कल्पना तक नहीं की होगी । शहीद भगत सिंह ,शहीद शुखदेव जी व शहीद राजगुरू जी ने भारत माता को अंग्रेजों से आजाद करवाने के लिए वन्देमातरम् का गान करते हुए जिस तरह मौत को गले लगाया शायद ही किसी ने उस वक्त कल्पना की होगी कि जिस वन्देमातरम् का गान करते हुए इन शहीदों ने अपनी कुर्वानी दी उसी वन्देमातरम् का विरोध करने वाले गद्दारों को भारत सरकार व मिडीया का संरक्षण प्राप्त होगा और वो बेसर्मी व नमकहरामी की सारी हदें पार करते हुए सीना चौड़ा कर शहीदों की आत्मा को अपने जैसे गद्दारों का कत्ल करने के लिए ललकारेंगे । आओ परमात्मा से प्रार्थना करें कि इन सब शहीदों की आत्मा हमारे अन्दर प्रवेश कर हमारे हाथों इन गद्दारों का भार इस पवित्र भारत माता पर से खत्म करवायें।शायद इन्हीं शहीदों की आत्मा का प्रभाव होगा जो हुसैन जैसे गद्दार का बोझ भारत माता पर से कम हो गया वेशक उसके जैसे अनेकों गद्दारों का बोझ आज भी हमारी कायरता और नलायकी की बजह से भारत माता को आज भी झेलना पड़ रहा है।आओ अपनी भारत माता को इस बोझ से मुक्त करने की कशम उठायें। ये इन शहीदों की पवित्र आत्मा की ही ताकत है कि आज हर भारतीय को यह जानकारी मिल रही है कि कौन गद्दार और कौन देशभक्त । इन्ही शहीदों की कुर्वानी की ताकत की बदौलत आज भी देशभक्त ताकतें गद्दारों के विरूद्ध संघर्षशील हैं।आज देश का लगभग हर जागरूक नागरिक ये जान चुका है कि सेकुलर गिरोह से जुड़े लोग ही भारत पर आतंकवादी हमले करवा रहे हैं व आतंकवादियों को हर तरह का तकनीकी सहयोग दे रहे हैं। जरा सोचो आज देश में कौन नहीं जानता कि 1993 में मुम्बई पर हमले के लिए उपयोग हुआ गोला बारूद सेकुलर कांग्रेस के नेता सुनील दत्त के बेटे संजय दत्त के माध्यम से उनके घारमें छुपाया गया व हमले के लिए सारी योजना का संचालन किया सेकुलर समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाजमी ने। आज कौन नहीं जानता कि पार्लियामैंट पर हमला करवाया सेकुलर प्रोफैसर जिलानी ने जिसे छुड़वाया सेकुलर पत्रकार कुलदीप नौयर ने। कांग्रेस इस हमले में किस हद तक सामिल थी वो इस बात से विलकुल सपष्ट हो जाता है कि माननीय सर्वोचनयायालया द्वारा फांसी की सजा प्राप्त मुहम्द अफजल को पिछले तीन बर्षों से कांग्रेस बचा रही है वो भी तब जब आधा दर्जन से अधिक सैनिकों ने इन गद्दार नेताओं की रक्षा के लिए अपने प्रांणों की वाजी लगा दी थी ।कांग्रेस किस हद तक इन आतंकवादियों से मिली हुई है इस का पता तो इस बात से ही चल जाता है कि शहीदों के परिवारों द्वारा अपने मैडल वापिस कर दिए जाने के वावजूद ये सेकुलर कांग्रेस उन देश के गद्दारों के साथ खड़ी रही।हमें य़ह नहीं भूलना चाहिए कि ये वही कांग्रेस है जिसने 1857 -1947 के दौरान, पहले व बाद में शहीद हुए सब शहीदों का न केबल अपमान किया बल्कि उनके परिवारों तक को 1947 के बाद भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर किया। शहीद चन्दरसेखर आजाद जी की माता जी के साथ क्या-क्या हुआ वो देश के शासकों की गद्दारी को बताने के लिए काफी है। इस कांग्रेस ने बोट की खातिर मरने वालों को तो शहीद का दर्जा दे दिया लेकिन निस्वार्थ भाव से देश के लिए कुर्वानी देने वाले शहीदों के लिए अपशब्दों का उपयोग कर उनका अपमान किया । जिन अग्रेजों से देश को मुक्त करवाने के लिए शहीदों ने अपनी जिन्दगी दांव पर लगा दी उन्हीं अंग्रेजों की अगली पीढ़ी की एंटोनियो माईनो मारियो को इन गद्दारों ने फिर से सता पर बिठा दिया ।मतलब उन्हीं अंग्रेजों का गुलाम इन गद्दारों ने देश को फिर बना दिया।अं ग्रेजों की इसी गुलामी का प्रभाव है कि कांग्रेस सरकार एक ऐसा विधेयक पारित करवा रही थी जिससे अंग्रेजों की कंपनियों को भारतीयों को मारने में सुविधा रहती ।ये तो भला हो 35 देशभक्त कांग्रेसियों का जिन्होंने एंटोनियों की गुलामी से बगाबत करते हुए देशहित में संसद से अनुपस्थित रहकर भारतीयों के लिए एक बड़ी कुर्वानी दी। आज कौन नहीं जानता कि बटला हाउस इवकांटर के शहीद का अपमान किया सेकुलर समाजबादी पार्टी के अमर सिंह ने व इस शहीद व अन्य जबानों पर हमला करने वाले आतंकवादियों को भागने में मदद की सेकुलर कांग्रेस के विधायक अबदुल सतार व सेकलर समाजवादी पार्टी के विधायक अबु हाजमी ने। आज हर कोई जानता है कि 2008 के मुम्बई पर हुए हमले में सेकुलर महेसभट्ट का वेटा राहुल भट्ट सामिल था व सेकुलर कांग्रेस के नेता अबदुल रहमान अंतुले के घर को इन आतंकवादियों ने सुरक्षित हैवन के रूप में उपयोग किया इसीलिए तो इस गद्दार ने कहा था कि ये हमला हिन्दूओं ने किया पर जब भेद खुल गया तो इसने कहा आतंकवादी शहीद करकरे को मारने नहीं आये थे मतलब ये गद्दार सब जानता था ।अन्त में ये भी देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि भारत पर हमला करने या करवाने वाले जितने भी गद्दारों की हमने चर्चा की उन सब को बचाया व बचाने की कोशिश मे लगा हुआ है सेकुलर गिरोह।


आओ एकवार फिर शहीदों द्वारा दी गई कुर्वानी की कशम उठाकर हम प्रण करें कि देश को गद्दारों से मुक्त करवाने के लिए हमें जो भी रास्ता अपनान पड़े अपनायेंगे और अगर हम ये रास्ता न अपनायें तो हम ये रास्ता अपनाने वालों का तन-मन-धन से सहयोग करेंगे उनका मानसम्मान करेंगे उनके परिवारों का हम अपना परिवार मानकर उनका ख्याल रखेंगे ।उन क्रांतिकारियों के विरूद्ध उठने वाली हर आबाज को हम कुचल देंगे।

हम तो चाहते है कि, शांति का अपना मार्ग हम कभी न छोड़ें।


हम तो चाहते है कि, शांति का अपना मार्ग हम कभी न छोड़ें।


पर क्या करें, कमबख्त शत्रु मानता ही नहीं,


पर क्या करें, कमबख्त शत्रु मानता ही नहीं


शांति की भाषा जानता ही नहीं।।


हमने तो पांडवो की तरह, अफगानीस्थान,पाकिस्तान, बंगलादेश,कशमीरघाटी सब छोड़ दिए थे।


पर शत्रु है, कि रूकने का नाम लेता ही नहीं; हमले पर हमला किए जाता है।


कभी दंगा भड़काता है तो, कभी आरडीएकस व बम्ब चलाता है।


भारतीयों को हर जगह से मार भगाता है।।


इस शत्रु ने के, न जाने कितने भारतीयों घर तोड़े


हम तो चाहते है कि, शांति का अपना मार्ग हम कभी न छोड़ें।


आओ; अपने बचे पांच गांवों(भारत) के लिए, शांति छोड़ कर शस्त्र उठायें,


इस कमबख्त, कमीने शातिर शत्रु को मार भगायें।


हम भी इस पर घर वापसी का, दबाब वनायें,


न माने तो इस पर बम्ब चलायें ।


हम शांति तो तब करेंगें, जब हम रहेंगे जब हम ही न रहेंगे ,


तो शमशानघाट की शांति का, भला हम क्या करेंगे।।


आओ बढ़े चलें शहीदों के मार्ग पर, जिन्होंने ऐसे अनेकों शत्रुओं के सिर फोड़े


हम तो चाहते है कि, शांति का अपना मार्ग हम कभी न छोड़ें।


हम तो चाहते है कि, शांति का अपना मार्ग हम कभी न छोड़ें।






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